Tuesday, April 16, 2013

Mora Gora Ang

A Song by Gulzar Sahab. My bad attempt at singing. Apologies in advance.



मोरा गोरा अंग लेई ले
मोहे श्याम रंग देई दे
छुप जाउंगी रात ही में
मोहे पी का संग देई दे

इक लाज रोके पैंयाँ
इक मोह खींचे बैय्यां
अब जाऊं किधर न जाऊं
मोहे का कोई बताई दे

बदरी हटा के चंदा
छुपके से झांके चंदा
तोहे राहू लागे बैरी
मुस्काए जी जलाई के

कुछ खो दिया है पाई के
कुछ पा दिया गवाई के
कहां ले चला है मनवा
मोहें बावरी बनाई के

मोरा गोरा अंग लेई ले
मोहे श्याम रंग देई दे
छुप जाउंगी रात ही में
मोहे पी का संग देई दे

-- गुल्ज़ार