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Tuesday, May 20, 2014

वो फिर नहीं आते... वो फिर नहीं आते ...

It takes a lot of courage to face your past and to admit your failures.. and however much we may want to, it can never be possible to go back in time and do things differently. The past remains just what it is meant to be – the past. All we can do is learn from it and move on. I’m reminded of Kishore Da’s song:

सुबह आती है , शाम जाती है 
वक़्त चलता ही रहता है रुकता नहीं 
एक पल में ये आगे निकल जाता है 
आदमी ठीक से देख पाता नहीं 
और परदे का मंज़र बदल जाता है 
एक बार चले जाते है जो दिन -रात सुबह -शाम 
वो  फिर नहीं आते ... वो फिर नहीं आते ... 
ज़िंदगी के सफर में गुज़र जाते है जो मक़ाम 
वो फिर नहीं आते... वो फिर नहीं आते ...