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Monday, January 26, 2015

मेरा वजूद


© Copyright Renu Vyas

चांदनी सर्द रात में 
यादों की झुलसती धरती पर 
नंगे पाँव चलती मैं 
कुछ टूटे बिखरे सपने समेटती 
कुछ अधपकी ख्वाइशें बटोरती 
कुछ भूली बिसरी यादों में लिपटी 
कुछ अधूरी सी बातों में सिमटी
ढूंढती खुद का वजूद मैं 
जो खो आई थी कभी 
ऐसी ही एक 
चांदनी सर्द रात में..