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Friday, July 27, 2018

Non Existent


मेरे बोलों की आवाज़ किसी तक पहुँचती ही नहीं

मेरी शख्सियत को लोग देख ही नहीं पाते हैं...


मेरे अस्तित्व का कोई महत्व नहीं किसी के लिए

मुझ जैसे लोग अक्सर यूँ ही भुला दिए जाते हैं...


Copyright Renu Vyas