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Wednesday, March 27, 2019

माँ सी ही होती है मासी

माँ सी ही होती है मासी

मायके में मैं जब भी जाती

जी भर के वो प्यार लुटाती

माँ सी ही होती है मासी....

माँ की तरह ही वो बतियाती

दुःख सुख में बन जाती साथी

माँ सी ही होती है मासी....

गलती पे वो डांट लगाती

रूठने पर फिर वो मनाती

माँ सी ही होती है मासी....

मेरी याद उसे भी आती

हर पल ये एहसास कराती

माँ सी ही होती है मासी...

याद मैं उसको जब भी करती

आँखें उसकी भी नम हो जाती

माँ सी ही होती है मासी....

काश मेरे भी पंख होते

उस से मैं मिल कर आ जाती

माँ सी ही होती है मासी....

©Renu Vyas

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