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Friday, January 03, 2020

तन्हां



आँखे उस का सपना देखे 
जो कभी मुझे मिला नहीं 
दिल उस खत का रास्ता देखे 
जो कभी किसी ने लिखा नहीं 
मन मनाए उस शख्स को 
जो कभी कहीं रूठा नहीं 
हँस लेती हूँ उस बात पर 
जो कभी किसी  ने कही नहीं 
और ऐसे ही रूठते , हँसाते 
अपने में ही ख्वाब सजाते 
खुद को अक्सर मना लेती हूँ 
की मैं भी तन्हां नहीं...

©Renu Vyas

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