जो कभी मुझे मिला नहीं
दिल उस खत का रास्ता देखे
जो कभी किसी ने लिखा नहीं
मन मनाए उस शख्स को
जो कभी कहीं रूठा नहीं
हँस लेती हूँ उस बात पर
जो कभी किसी ने कही नहीं
और ऐसे ही रूठते , हँसाते
अपने में ही ख्वाब सजाते
खुद को अक्सर मना लेती हूँ
की मैं भी तन्हां नहीं...
©Renu Vyas
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