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Thursday, April 28, 2022

Unfulfilled Dreams


 My heart is not a graveyard
but there are unfulfilled dreams
buried as poems
deep inside

मेरा हृदय कोई शमशान भूमि तो नहीं
लेकिन
आज भी कई अधूरे सपने 
अंतर्मन के किसी कोने में
दफ़्न हैं कविताओं के रूप में

Copyright Renu Vyas 

Sunday, April 24, 2022

चलो आज फिर से..


 चलो आज फिर से 
थोड़ा हस लूँ
थोड़ी खिलखिलाऊँ
खो गयी जो बेफिक्री
उसे फिर से ढूंढ लाऊँ

माथे पे लकीरें जो
वक्त संग उभर आयी
पोंछ कर , गुम हुआ 
सुक़ून फिर से ले आऊँ

बारिशों के पानी में
बहने दूं हर एक ग़म को
खुल के साँस लूं
हर बात पे मुस्कुराऊँ

क्यूँ सुनूँ मैं दुनिया की
क्यूँ हसरतें दबाऊँ
खुद से ही करूँ मुहोब्बत
खुद पे प्यार लुटाऊँ

ना कल की फ़िकर हो
ना दुनिया का डर
ज़िंदगी को बस 
पल दर पल ज़िये जाऊँ

चलो आज फिर से 
थोड़ा हस लूँ
थोड़ी खिलखिलाऊँ…

Copyright Renu Vyas 





Tuesday, April 19, 2022

मैं तुम्हें वहीं मिलूँगी


उम्मीद के टूटने पर भी 
जहाँ सपने दिखाई दे
शब्दों के शोर में भी 
जहाँ मौन सुनाई दे
अक्षरों के बीच के 
अदृश्य अन्तराल में,
नींद और जाग के बीच
प्रेम और अप्रेम के मध्य,
भीड़ में जहाँ कहीं कुछ 
अकेली सी जगह हो
बहुत कुछ चले जाने के बाद भी 
बचा हुआ सा कुछ हो
उन तमाम जगहों में 
जो होती हैं पर नहीं होती
तुम मुझे वहाँ ढूँढ़ना
मैं हमेशा वहीं मिलूँगी

Copyright Renu Vyas

Monday, April 04, 2022

अदृश्य


याद आया कि मैंने अलविदा कहा नहीं,

लेकिन फिर अहसास हुआ 

किसी को ध्यान ही कहां कि मैं हूँ या नहीं…


I never ended up saying goodbye, 

But then again, 

No one noticed that I was gone…


Copyright Renu Vyas