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Monday, January 24, 2022

औरत


औरों को सम्भालती
खुद की पहचान खो गयी
सब को सवारने में ही
अपने अरमान भूल गयी
आगे बढ़ा हर एक शक़्स
वो पायदान हो गयी
कहने को घर बनाया पर
खुद खाली मकान हो गयी

 Copyright Renu Vyas

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