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Wednesday, March 29, 2023

वो एक पल


 ना वास्ता तुमसे अब कोई

ना रिश्ता ही रहा है

मिलने की ना कोई उम्मीद बची

पर दिल फिर भी एक आस पे अड़ा है


छवि भी धुंधला चुकी

आवाज़ भूली सी जा रही

दर्द पर भी क़ाबू पा लिया

पर ज़ख्म आज भी हरा है


दिन गुज़रते हैं मशरूफ़ियत में

रातें भी निकल जाती हैं

पर तेरे हिस्से वाला वो एक पल

आज भी तन्हा सा ही गुज़रा है


 ©️ Renu Vyas 

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